ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।
उस प्राण स्वरुप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अपनी अंतरात्मा में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे।
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Thursday, 31 January 2013

लगन और श्रम का महत्त्व

लगन आदमी के अन्दर हो तो सौ गुना काम करा लेती है। इतना काम करा लेती है कि हमारे काम को देख कर आपको आश्चर्य होगा। इतना साहित्य लिखने से लेकर इतना बड़ा संगठन खड़ा करने तक और इतनी बड़ी क्रांति करने से लेकर के इतने आश्रम बनाने तक जो काम शुरू किये हैं वे कैसे हो गए? यह लगन और श्रम है।

यदि हमने श्रम से जी चुराया होता तो उसी तरीके से घटिया आदमी हो करके रह जाते जैसे की अपना पेट पालना ही जिनके लिए मुश्किल हो जाता है। चोरी से, ठगी से, चालाकी से जहाँ कहीं भी मिलता पेट भरने के लिए, कपडे पहनने के लिए और अपना मौज, शौक पूरा करने के लिए पैसा इक्कठा करते रहते पर हमारा यह बड़ा काम संभव नहीं हो पता।

 - पं श्रीराम शर्मा 'आचार्य'
हारिये न हिम्मत, पृष्ठ 22 से उधृत